हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत "बिहार उल अनवार" किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
قال الامام الصادق علیہ السلام:
طُوبی لِمَنْ تَمَسَّکَ بِاَمْرِنا فی غَیْبَةِ قائِمِنا، فَلَمْ یَزِغْ قَلْبُهُ بالْهِدایَةِ.
हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने फ़रमाया:
भाग्यशाली है वह व्यक्ति जो हमारे क़ायम की ग़ैबत के ज़माने मे हमारे अम्र को मज़बूती से थामे रहे और उसका हिदायत याफ़ता दिल बातिल की ओर आकर्षित ना हो।
बिहार उल अनवार, भाग 52, पेज 123
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